[Black Fungus] | Black Fungus Infection [In Hindi] | ब्लैक फंगस क्या है ?

सबसे खतरनाक बायरस , ब्लैक फंगस [BLACK FUNGUS] , कितना हानिकारक है , कैसे पहचानें ? 

जैसा कि आप सभी जानते होंगे संपूर्ण विश्व में कई प्रकार की बीमारियां पाई जाती जिसमें सबसे खतरनाक बीमारी कैंसर को मिला जाता है परन्तु कैंसर  को एक जानलेवा प्रभाव को पैदा करने में कुछ दिन या कुछ महीने लगते  हैं , जबकि नव जनित बीमारी black fungus virus से कुछ घंटों में जान जा सकती है आखिर क्या है यह  BLACK FUNGUS | और black fungal disease symptoms क्या हैं | 

Black Fungus

आइए जानते हैं विस्तार से।

दोस्तों ब्लैक फंगस एक ऐसी बीमारी है जो कोरोना मरीजों में अधिकांशत देखी जा रही है जिससे ब्लैक फंगल इन्फेक्शन (black fungal infection) कहा जा रहा है। आए दिन ब्लैक फंगस के मामले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं इस इंफेक्शन से सबसे बड़ा डर यह है कि यह तेजी से फैलता है और लोगों की आंखों की रोशनी चली जाती या कुछ अंग काम करना ही बंद कर देते हैं ।

 दोस्तों यह ब्लैक फंगस क्या है CORONA  के कारण यह कैसे हुआ और स्टेरॉयड तथा इसमें क्या संबंध है आपके इन्हीं सवालों के जवाब के लिए hindi.thequint.com ने फॉर्टिस फरीदाबाद की कंसलटेंट और एंटी डॉक्टर अपर्णा महाजन से बात की इसमें कुछ बातें निकल कर सामने आई ।

US सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन(CDS) के अनुसार Mucormycosis एक गंभीर ,दुर्लभ फंगल इंफेक्शन है जो के Moulds के एक ग्रुप, जिसे micromycetes कहते हैं, के कारण होता है.

 आइए जानते हैं विशेषज्ञों का  है  -

1 . डॉ अपर्णा महाजन कंसलटेंट और एंटी फॉर्टिस फरीदाबाद-

इनका मानना है कि ए फंगल हमारे चारों ओर गुप्त रूप में मौजूद होता है लेकिन किसी मानव शरीर के अंदर इस इंफेक्शन (virus ) को संभव बनाने के लिए एक विशेष अनुकूल बतारण की जरूरत होती है सामान्यत: ये नाक, साइनस ,आंखों में और  दिमाग में पाया जाता है उन्होंने कहा कि अगर यह एक बार दिमाग में फैल गया तो इसका इलाज बहुत कठिन है उनके अनुसार यह एक जानलेवा इंफेक्शन है जिसमें मृत्यु दर काफी ज्यादा है ।

Black Fungal Infection

डॉ. अपर्णा महाजन का यह भी  की इसके  symptoms कैंसर की तरह होते हैं जो  कैंसर की तरह व्यवहार करते है  लेकिन कैंसर को जानलेवा प्रभाव पैदा करने में कम से कम कुछ महीने तो लगते हैं जबकि इससे कुछ घंटो में ही जान जा सकती है.

FIT से बात करते हुए दिल्ली में क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डॉ सुमित रे ने बताया कि Mucormycosis से संक्रमित लोगों में मृत्यु दर लगभग 50 से 70% तक होती है |  डॉ सुमित के अनुसार अगर एक हद से ज्यादा संक्रमण फैल गया था मरीज को बचा पाना असंभव होता है इसे और खतरनाक बनाती है इसके फैलने की तीव्र गति और दोस्तों  यह सत्य भी है BLACK  FUNGUS के मामले दिन व् दिन सामने रहे हैं |  और यह अभी कोरोना पॉजिटिव मरीजों में देखने को मिल  रहा है | 

 डॉ. महाजन के अनुसार कोविड - 19 (कोरोनाऔर ब्लैक फंगस में यह संबंध निम्न कारणों से हो सकता है :

  • कोरोना वायरस BLACK FUNGUS  को आसानी से फैलने के लिए इसके अनुकूल वातावरण प्रदान करता है.
  • इसका एक कारण कोविड मरीजों के इम्यून रिस्पांस में कमी हो जाना भी है .

परन्तु  इसके बावजूद यह संक्रमण बीमारी  उन कोरोना  मरीजों तक ही सीमित था जो गंभीर डायबिटीज याने की शुगर , और कैंसर के मरीज थे या फिर किसी दूसरी बीमारी के लिए immunosuppressant पर थें | डॉ. महाजन ने बताया  कि "mucormycosis का अब सामान्य मरीजों में तीव्र प्रसार का कारण है स्टेरॉयड टैबलेट '  का विवेकहीन प्रयोग".

 

स्टेरॉयड टैब्लेट (steroid tablets)  क्या है -

दोस्तों स्टेरॉयड टैब्लेट एक ऐसी टेबलेट है  जिन्हें कॉर्टिकोस्टेरॉइड टैब्लेट(corticosteroid tablet) भी कहा जाता है, यह एक प्रकार की एंटी-इन्फ्लामेट्री (anti-inflammatory) दवा होती हैं जिनका इस्तेमाल कई तरह की बीमारिओं में इलाज के लिए किया जाता है।

स्टेरॉयड टैब्लेट उपयोग - 

  • एलर्जी (allergies), 
  • अस्थमा (asthma), 
  • एक्ज़ीमा (eczema), 
  • इन्फ्लामेट्री आन्त्र रोग  
  • आर्थराइटिस(inflammatory bowel disease and arthritis) जैसी परेशानियों के इलाज में किया जाता है।

स्टेरॉयड टैब्लेट जब इसका हाई डोज लिया जाए या लंबे समय तक प्रयोग किया जाए, तो mucormycosis का कारण बन सकता है .

डॉ. महाजन के अनुसार -  "ऐसा इसलिए है, क्योंकि स्टेरॉयड भी हमारे इम्यूनिटी को कम कर सकता है और इसमें ब्लड और  शुगर लेवल बढ़ाने की प्रवृत्ति होती है, जिनको डायबिटीज नहीं है उनमें भी. स्टेरॉयड इंफेक्शन को फैलने के लिए अनुकूल वातावरण भी बना सकता है."

एम्स के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोविड के शुरुआती चरणों में ही स्टेरॉयड लेने से संबंधित नुकसान के बारे में बताया था  उन्होंने बताया की -"कुछ  लोग शुरुआती चरणों में ही स्टेरॉयड के हाई डोज लेने लगते हैं. इसकी वजह से वायरस तेजी से अपनी संख्या बढ़ा सकता है. जिन लोगों में कोरोनावायरस क्षण कम है उनमें भी वायरस का फेफड़ों तक फैलने के कारण वायरल निमोनिया के गंभीर मामले सकते हैं."

                                                             जरूरी नहीं है. मुख्यतः सिस्टमिक स्टेरॉयड के इस्तेमाल के कारण ही mucormycosis होने का खतरा है.

कुछ विषेशज्ञों का मानना है कि अभी Dexamethasone और Methylprednisolone जो की  सिस्टमिक स्टेरॉयड हैं जिनका कोरोना के  उपचार में प्रयोग हो रहा है, लेकिन अगर इनका गलत प्रयोग हुआ तो यह mucormycosis का कारण बन सकते हैं. | 

ये ड्रग्स मॉडरेट कोरोना  के उपचार के लिए एक जारी सरकारी गाइडलाइन का हिस्सा हैं और ऑक्सीजन के अलावा कोविड का प्रभावी उपचार माने जाते हैं. रिकवरी ट्रायल में कोविड के कारण हॉस्पिटलाइज्ड मरीजों में तथा रेस्पिरेट्री फैल्योर के कारण जिनको बाहरी ऑक्सीजन या मेकेनिकल वेंटिलेटर की जरूरत है, उनमें इन्हें बहुत प्रभावी पाया गया हैदूसरी तरफ से प्रारंभिक कोविड के इलाज के लिए सुझाया हुआ दूसरा Corticosteroid -Budesonide (जिसे इन्हेल करते हैं)- से ऐसा कोई खतरा नहीं हैऐसा इसलिए है क्योंकि इनहेल्ड Budesonide सिस्टमिक स्टेरॉयड नहीं है. यह एक जगह पर असर करता है और इसके कारण लोकल फंगल इनफेक्शन (ओरल कैविटी में) हो सकता है. लेकिन Mucormycosis होने की संभावना ना के बराबर है.

डॉ. महाजन के अनुसार -  "Budesonide रेस्पिरेट्री ट्रैक्ट के लाइनिंग पर परत सा बिछ सकता है और इसके कारण सुपरफिशियल फंगल इनफेक्शंस हो सकते हैं. दूसरी तरफ mucor सिस्टमिक लेबल में पूरे शरीर को प्रभावित करता है.Mucor एक सुपरफिशियल इंफेक्शन नहीं है

 

डॉ. महाजन के अनुसार  - Mucormycosis के लक्षण  निम्न है -

  • किसी भी तरह का चेहरे पर स्वेलिंग ,खासकर आंखों और गालों के आसपास
  • नाक बहना
  • नाक बंद रहना
  • सर दर्द (अन्य लक्षणों के साथ )

"अगर आपको यह शुरुआती लक्षण नजर आ रहे हैं तो आपको तुरंत OPD में बायोप्सी कराना चाहिए तथा जितनी जल्दी हो सके एंटीफंगल थेरेपी शुरू करना चाहिए."    डॉ. मनीष मुंजल,सीनियर ENT सर्जन, गंगाराम हास्पिटल | 

डॉ. महाजन ने खुद से स्टेरॉयड लेने पर चेतावनी देते हुए कहा "अगर कोई मरीज बिना डॉक्टर की जानकारी के खुद से स्टेरॉयड ले रहा है तब उससे इन लक्षणों को पहचानने में चूक हो सकती है' | 

 

क्या Mucormycosis का इलाज संभव है ?  ( हाँ )

 

लेकिन सफलता दर और उपचार का प्रकार कुछ बातों पर निर्भर करता है.

  • पहला कि इन्फेक्शन किस स्टेज पर है .वह तय करेगा कि मरीज को बचाया जा सकता है या नहीं.
  • डॉ. महाजन के अनुसार "उपचार कैसे होगा वह इस बात पर भी निर्भर करता है कि किस अंग में इंफेक्शन है. घाव को ठीक करने के लिए बड़ी सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है".


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black fungus virus


 

 

 

 


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